प्रयागराज कुम्भ मेला 2019 : शरीर पर राख, अस्त्र-शस्त्र और डुबकी से शुरू हुआ कुम्भ । रिपोर्ट- राजबीर नरवाल /प्रयागराज

    NEWS DESK ( COBRA TELEVISION) रिपोर्ट:- राजबीर नरवाल     दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन कहे जाने वाले कुंभ मेले का पहला शाही स्नान शुरू हो चुका है और आधिकारिक रूप से मेले की शुरुआत हो गई है ।49 दिन तक चलने वाले इस मेले का समापन 4 मार्च को होगा और इस बीच 8 मुख्य पर्व पर शाही स्नान होगा। शाही स्नान को देखते हुए प्रयागराज जिले की सभी स्कूल कॉलेज 3 दिन के लिए बंद कर दिए गए शहर की ओर आने वाले सभी रास्तों पर बेरीगेटिंग की गई है और वाहनों को शहर के बाहर बने पार्किंग स्थलों पर ही रोक दिया |

माना जा रहा है कि 49 दिनों तक चलने वाले इस बार के कुंभ मेले में करीब 12 करोड लोगों के आने की संभावना है जिसमें 10 लाख के करीब विदेशी नागरिक भी होंगे उत्तर प्रदेश सरकार कुंभ 2019 को अब तक का सबसे भव्य को बता रही है और सरकार ने इसकी खूब रानी भी की है माना जाता है कि प्रयागराज में जहां पर कुंभ मेले का आयोजन होता है वही ब्रह्मांड का उद्गम हुआ था और वहीं पर पृथ्वी का केंद्र भी है माना था यह भी है कि सृष्टि निर्माण से पहले ब्रह्मा जी ने इस स्थान पर अश्वमेध यज्ञ किया था।

कुंभ के जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के मुताबिक इस बार मेला क्षेत्र करीब 45 किलोमीटर के दायरे में फैला है। जब की इससे पहले20 वरग किलोमीटर इलाके में होता था।  लाभ यह हुआ क्षेत्र में भीड़ का दबाव बहुत ज्यादा नहीं बढ़ पाएगा और स्नान घाटों के विकल्प बढ जाएंगे ।

कुंभ के दौरान प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा तंबू का  अस्थाई शहर बन जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कुंभ के आयोजन पर इस साल 4000 करोड़ पैसे ज्यादा खर्च हो रहा है। साधु-संतों के कुल 13 अखाड़ों के लिए हर पर्व पर शाही स्नान का समय और स्थान की अवधि प्रशासन की ओर से तय की जाती है ।मेला अधिकारी विजय किरण आनंद के मुताबिक 15 जनवरी को पहले शाही स्नान की शुरुआत सुबह 5:15 से हुई है हर अखाड़े को स्नान के लिए 45 मिनट का समय दिया गया है स्नान शाम को 4:00 बजे तक चलेगा शाही स्नान में विभिन्न अखाड़ों से संबंध रखने वाले साधु संत सोने चांदी की पालकीओं हाथी -घोड़े पर बैठकर संगम में स्नान के लिए पहुंचते हैं। यह साधु संत अपनी अपनी शक्ति और वैभव का प्रदर्शन करते हैं। जिसके जरिए शस्त्र और शास्त्र के समनवय का संदेश देते है।

कुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि पहले शाही स्नान पर एक करोड़ लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। जबकि पूरे कुंभ के दौरान करीब 12 करोड लोगों के आने की संभावना जताई जा रही है। यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनें चलाई और रोडवेज ने बड़ी संख्या में सपेशल बसे लगा रखी है।

प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं । राजय के डीजीपी ओपी सिंह के मुताबिक सुरक्षा के लिए एयर सर्विलांस  की मदद ली जा रही है 22000 पुलिसकर्मियों के अलावा अर्धसैनिक बलों की 80 बटालियन  तैनात की गई।

प्रशासन का दावा है कि पूरा मेला क्षेत्र खुले में शौच से मुक्त है इसे सुनिश्चित कराने के लिए सवा लाख से भी ज्यादा शौचालय बनाए गए लेकिन पहले शाही स्नान तक कुंभ क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में शौचालय की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं इन शौचालयों के सिर्फ ढाचे खड़े हैं तो कहीं कनेक्शन का काम पूरा नहीं हुआ है। (भारत में कुल 4 स्थानों पर कुंभ का आयोजन होता है) प्रयागराज ,हरिद्वार, उज्जैन और नासिक।

इनमें से हर स्थान पर 12 साल मे कुभ होता है प्रयाग में 2 कुंभ पर्वो के बीच 6 साल के अंतराल पर अर्धकुंभ भी होता है ।परंपरा के अनुसार इस बार अर्धकुंभ ही पड़ रहा है ।लेकिन सरकार ने अर्धकुंभ का नाम बदलकर कुंभ और कुंभ का नाम महाकुंभ कर दिया है ।सरकार के इस कदम का तमाम शास्त्री विशेषज्ञों ने भी विरोध किया है।

(आप हमें फेसबुक ,टि्वटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी फॉलो कर सकते हैं)